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PCOD के मरीजों को अपनी डाइट में कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ शामिल करना चाहिà¤?
हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² डिसà¥à¤¬à¥ˆà¤²à¥‡à¤‚स आजकल यà¥à¤µà¤¾à¤“ं के लिठà¤à¤• बड़ी समसà¥à¤¯à¤¾ बन गया है। खासकर लड़कियां और महिलाà¤à¤‚ इससे बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो रही हैं। इसकी वजह से महिलाओं को सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ से जà¥à¥œà¥€ बहà¥à¤¤ सी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ सामने आती हैं।
हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² डिसà¥à¤¬à¥ˆà¤²à¥‡à¤‚स का मतलब होता है शरीर में बनने वाले हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ या तो जरूरी मातà¥à¤°à¤¾ से कम बनते हैं या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¥¤ ये दोनों ही हमारे शरीर के सही से काम करने में रà¥à¤•ावट डालते हैं। हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² डिसà¥à¤¬à¥ˆà¤²à¥‡à¤‚स से होने वाली à¤à¤¸à¥€ ही à¤à¤• बीमारी है PCOD। इस कंडीशन में महिलाओं के शरीर में फीमेल हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ कम बनने लगते हैं, जिस कारण पीरियडà¥à¤¸ समय पर ना आना, आà¤à¤‚ तो बहà¥à¤¤ अधिक दरà¥à¤¦ और चिड़चिड़ापन, चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल और पिमà¥à¤ªà¤² जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से दोचार होना पड़ता है।
PCOD को à¤à¤• लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² बीमारी कहा जाता है। इसका सीधा समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ हमारे जीने के तौर-तरीकों से है। आमतौर पर जंक फूड खाना, à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ ना करना, कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ पर बैठे-बैठे ही काम करने की वजह से ये पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® होती है। PCOD हो तो हम अपनी डाइट को किस तरह से कंटà¥à¤°à¥‹à¤² कर सकते हैं, ये बात हमने सेलेब डायटीशियन नमामि अगà¥à¤°à¤µà¤¾à¤² से पूछी। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि कà¥à¤› फूड आइटम à¤à¤¸à¥‡ हैं जो PCOD होने पर हमें अपनी डाइट में जरूर शामिल करने चाहिठऔर कà¥à¤› फूड पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ से कोसों दूर रहना चाहिà¤à¥¤ पà¥à¤¿à¤ उनके जवाब।
बिना किसी दवाई के कैसे मैंने अपने PCOD को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² किया
PCOD के मरीजों को अपनी डाइट में कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ शामिल करना चाहिà¤?
जब किसी को PCOD होता है तो बहà¥à¤¤ संà¤à¤µ है कि उनका शरीर इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ पचाने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ à¤à¥€ खो दे। à¤à¤¸à¤¾ तब होता है जब शरीर की कोशिकाà¤à¤‚ इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ को पहचानना à¤à¥‚ल जाती हैं और इसलिठबà¥à¤²à¤¡ में मौजूद गà¥à¤²à¥‚कोस को ठीक से नहीं पचा पातीं। à¤à¤¸à¥‡ में आपको हाई फाइबर वाली डाइट जैसे हरे पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ वाली सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, साग, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, पालक, गाजर, और फल जैसे सेब, अनार और कीवी खाने चाहिà¤à¥¤ ये आपके शरीर को इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ रेजिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚स से लड़ने में मदद करते हैं।
हलà¥à¤•े पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ वाली चीजें जैसे अंडे, मछली और टोफू (सोयाबीन का पनीर) आपको पेट à¤à¤°à¤¨à¥‡ की फीलिंग देती हैं। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाकर आपको लंबे समय तक à¤à¥‚ख नहीं लगती। इसके साथ ही ये चीजें आपके शरीर में हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ जैसे इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨, à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ और थायरॉइड हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ सही करती हैं।
सूजन कम करने वाली चीजें जैसे तीखा खाना, अखरोट, टमाटर, फà¥à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤¸ सीड, दालचीनी और हलà¥à¤¦à¥€ आपके शरीर के बà¥à¤¤à¥‡ वजन को à¤à¥€ कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करती हैं और पिमà¥à¤ªà¤² आने से à¤à¥€ बचाती हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ PCOD के बावजूद आप मां बन सकती हैं?
अपने शरीर के मेटाबॉलिजà¥à¤® को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठआप दिन में दो बार बिना चीन वाली गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी का सेवन कर सकती हैं।
वो फूड आइटम जिनका गà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤•ेमिक इंडेकà¥à¤¸ कम होता है और जो इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ रेजिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚स को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने में मदद करते हैं, इनमें देसी अनाज जैसे आटा, जà¥à¤µà¤¾à¤°, रागी, बाजरा और ओटà¥à¤¸ à¤à¥€ मददगार होते हैं।
PCOD की समसà¥à¤¯à¤¾ से जूठरही महिलाओं को किन फूड आइटमà¥à¤¸ से दूर रहना चाहिà¤?
रिफाइंड कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ जैसे मैदा, सफेद बà¥à¤°à¥‡à¤¡, पासà¥à¤¤à¤¾, पेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€, केक, मफिनà¥à¤¸ से पीसीओडी से पीड़ित मरीज को बिलकà¥à¤² दूर रहना चाहिà¤à¥¤ ये इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ रेजिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚स और सूजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हैं।
चीनी वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जैसे कोलà¥à¤¡-डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸, à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸, आइसकà¥à¤°à¥€à¤®, सोडा और पैकेजà¥à¤¡ जूस आपको बिलकà¥à¤² नहीं पीने चाहिà¤à¥¤ इसकी वजह से दिल की बीमारियां और हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होती हैं।
पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ मीट जैसे सॉसेज और रेड मीट आपको बिलकà¥à¤² नहीं खाना चाहिà¤à¥¤ साथ ही आपको वो सà¤à¥€ चीजें जिनमें टà¥à¤°à¤¾à¤‚स-फैट होता है जैसे कà¥à¤•ीज, जैम, जेली, चिपà¥à¤¸ जैसी चीजों से दूर ही रहें तो बेहतर है।
PCOD की समसà¥à¤¯à¤¾ से जूठरही महिलाओं के खाने का रूटीन कैसा होना चाहिà¤?
सोकर उठने के आधे घंटे के à¤à¥€à¤¤à¤° कà¥à¤› हेलà¥à¤¦à¥€ खाने की कोशिश करें। सबसे अचà¥à¤›à¤¾ है सà¥à¤¬à¤¹ à¤à¥€à¤—े हà¥à¤ बादाम और अखरोट खाà¤à¤‚।
बà¥à¤°à¥‡à¤•फासà¥à¤Ÿ करना कà¤à¥€ à¤à¥€ मिस न करें! अपने नाशà¥à¤¤à¥‡ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ चीजें शामिल करें जैसे अंडे की सफेदी, पनीर सैंडविच, चीला या ओटà¥à¤¸à¥¤
इसके करीब 45 मिनट बाद आप गरà¥à¤® गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी पी सकती हैं। ये आपके शरीर से टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¨à¥à¤¸ à¤à¥€ बाहर निकालती है।
नाशà¥à¤¤à¥‡ के करीब डेढ़ घंटे बाद पीसीओडी पीड़ित मौसमी फल जैसे सेब, चीकू, नाशपाती खा सकती हैं।
लंच से 2 घंटे पहले खूब सारा सलाद खाà¤à¤‚। साथ ही à¤à¤• गà¥à¤²à¤¾à¤¸ छाछ à¤à¥€ पियें।
लंच के 1.5 से 2 घंटे बाद à¤à¤• कप गरà¥à¤® चाय पी सकती हैं। कोशिश करें कि चाय में चीनी ना डालें।
डिनर से पहले à¤à¤• कटोरी सूप पिà¤à¤‚। कोशिश करें कि डिनर 8 बजे से पहले ही कर लें। अपने डिनर में सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, इडली, पनीर रैप जैसी कोई हेलà¥à¤¦à¥€ चीज शामिल करें।
इन फ़ूड आइटमà¥à¤¸ में à¤à¥€ होती है शà¥à¤—र जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हम हेलà¥à¤¦à¥€ मानते हैं
कà¥à¤¯à¤¾ डाइट के जरिये PCOD ठीक किया जा सकता है?
डाइट के जरिठPCOD पूरी तरह से ठीक तो नहीं किया जा सकता, लेकिन हां, सही डाइट से इसे कंटà¥à¤°à¥‹à¤² जरूर किया जा सकता है। इसीलिठअपनी डाइट को जितना हो सके, हलà¥à¤•ा-फà¥à¤²à¥à¤•ा और कम से कम गरिषà¥à¤ रखें।
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